सीढ़ियां चढ़ते समय घुटना कड़कता है, सुबह उठते ही जोड़ अकड़ा लगता है या कुछ दूर चलने पर ही दर्द शुरू हो जाता है, तो रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो जाती है। लोग इंटरनेट पर ghutno ka dard, ghutno me dard और ghutno ke dard ka ilaj जैसे शब्द खूब खोजते हैं। इस लेख में हम आसान हिंदी में बताएंगे कि घुटनों में दर्द के कारण क्या हैं, कौन से लक्षण खतरे का संकेत हैं और घुटनों के दर्द का इलाज बिना सर्जरी कैसे किया जाता है।
यह जानकारी वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद के अनुभव पर आधारित है। यह डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है।
घुटना शरीर का सबसे ज्यादा वजन उठाने वाला जोड़ है। इसमें जांघ की हड्डी, पिंडली की हड्डी और घुटने की टोपी मिलती हैं। इनके सिरों पर चिकनी गद्दी यानी कार्टिलेज होती है, और बीच में मेनिस्कस नाम की लचीली गद्दियां होती हैं। लिगामेंट और मांसपेशियां इस जोड़ को स्थिर रखती हैं। जब इनमें से किसी हिस्से को नुकसान या सूजन होती है, तो दर्द शुरू हो जाता है।
हर घुटने का दर्द एक जैसा नहीं होता। इसीलिए दर्द का सही पैटर्न समझना जरूरी है।
दर्द कब और कैसे होता है, इससे डॉक्टर को कारण का अंदाजा मिलता है। चलने और सीढ़ियों पर बढ़ने वाला, आराम करने से घटने वाला दर्द अक्सर घिसाव की तरफ इशारा करता है। सुबह देर तक जोड़ की अकड़न और कई जोड़ों में एक साथ सूजन सूजन वाली गठिया की ओर संकेत कर सकती है। चोट के बाद अटकना या घुटना जवाब देना मेनिस्कस या लिगामेंट की समस्या दिखाता है। रात को बहुत तेज दर्द के साथ सूजन और लालिमा हो तो गाउट या संक्रमण जैसी स्थिति पर भी सोचा जाता है।
डॉक्टर दर्द का इतिहास सुनते हैं, घुटने की सूजन, गति और स्थिरता की जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर एक्स-रे से जोड़ के घिसाव का पता चलता है, और एमआरआई से मेनिस्कस और लिगामेंट की स्थिति देखी जाती है। गठिया या यूरिक एसिड की आशंका हो तो खून की जांच करवाई जाती है। हर मरीज को एमआरआई की जरूरत नहीं होती, और रिपोर्ट का मिलान आपकी तकलीफ से करना जरूरी है।
ज्यादातर लोगों में इलाज सर्जरी से पहले कई सरल और असरदार चरणों से होकर गुजरता है।
शरीर का हर एक किलो अतिरिक्त वजन चलते समय घुटनों पर कई गुना दबाव बढ़ाता है। वजन कम करना घिसाव वाले दर्द में सबसे कारगर उपायों में से एक है।
डॉक्टर की सलाह से कुछ समय के लिए दर्द और सूजन की दवाइयां दी जाती हैं। लंबे समय तक खुद से दर्द की गोली लेना किडनी और पेट के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
जांघ और कूल्हे की मांसपेशियों को मजबूत करने से घुटने पर दबाव कम पड़ता है। सही कसरत, लचीलापन बढ़ाने वाले स्ट्रेच और चलने की सही आदतें लंबे समय की राहत के लिए जरूरी हैं।
जब दवा और कसरत से आराम न मिले, तब चुनिंदा मरीजों में घुटने के अंदर इंजेक्शन से सूजन कम की जा सकती है। कुछ मामलों में पीआरपी इंजेक्शन जैसे रीजेनरेटिव विकल्पों पर चर्चा होती है। हर इंजेक्शन हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता।
गंभीर घिसाव वाले दर्द में, जब सर्जरी से बचना हो या मरीज उसके लिए उपयुक्त न हो, तब घुटने की दर्द पहुंचाने वाली नसों पर रेडियोफ्रीक्वेंसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जोड़ को दोबारा नया नहीं बनाता, पर दर्द के संकेतों को कम कर सकता है। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए बिना सर्जरी घुटने का इलाज पेज पढ़ें।
जब जोड़ बहुत ज्यादा खराब हो चुका हो, दर्द लगातार रहता हो और बाकी सभी उपायों से आराम न मिले, तब घुटना प्रत्यारोपण पर विचार किया जाता है। यह फैसला जांच और मरीज की जरूरत के आधार पर होना चाहिए। घिसाव वाले दर्द के पूरे विकल्पों के लिए घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस का इलाज पेज भी देखें।
ये कसरत हल्के घिसाव और अकड़न में आमतौर पर की जाती हैं। इन्हें धीरे और बिना झटके के करें। दर्द बढ़े तो रुक जाएं।
ज्यादा कसरत देखने के लिए हमारा एक्सरसाइज पेज देखें।
संतुलित भोजन जोड़ों के लिए जरूरी है। दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और मेवे कैल्शियम और प्रोटीन देते हैं, और धूप विटामिन डी का अच्छा स्रोत है। जंक फूड और ज्यादा मीठा वजन बढ़ाते हैं। अगर आपको यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या है, तो खानपान में डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लें। कैल्शियम या विटामिन डी की गोलियां खुद से शुरू न करें, पहले जांच कराएं।
अगर घुटने का दर्द कई हफ्तों से बना है, चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है या घुटना सूज गया है, तो वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक में जांच करवा सकते हैं। यहां पहले कारण की पहचान और फिर बिना सर्जरी के विकल्पों पर जोर दिया जाता है। विस्तार से जानने के लिए फरीदाबाद में घुटने के दर्द का इलाज पेज देखें, या सही विशेषज्ञ चुनने के लिए घुटने के दर्द के लिए सबसे अच्छा डॉक्टर पढ़ें। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से भी मरीज आते हैं। अपने साथ पुरानी एक्स-रे या एमआरआई रिपोर्ट रखें।
पता: मकान नंबर 21, सेक्टर 9, सेक्टर 9 हुडा मार्केट के सामने, फरीदाबाद, हरियाणा 121006
फोन: +91 8171244512
समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
घुटनों का दर्द उम्र के साथ आम है, लेकिन इसे सहते रहना जरूरी नहीं। सही जांच, वजन पर नियंत्रण, कसरत और जरूरत पड़ने पर आधुनिक बिना सर्जरी इलाज से ज्यादातर लोग काफी आराम पा लेते हैं। अगर दर्द कई हफ्तों से है, सूजन बनी रहती है या चलना मुश्किल हो गया है, तो देर न करें और विशेषज्ञ से मिलें।
लेखक: डॉ. मोहित गुप्ता, इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन, वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद। यह जानकारी सामान्य शिक्षा के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।